RAHUL TWETIA - गाँव मे पिता बेचते हैं दूध और बेटे ने 7 छक्के लगा के मैच बदल दिया | ipl 2020 |

 

RAHUL TWETIA - गाँव मे पिता बेचते हैं दूध और बेटे ने 7 छक्के लगा के मैच बदल दिया | ipl 2020 |


RR vs KXIP हुए मैच मे RAHUL TWETIAने पंजाब के खिलाफ 7 छक्के जा कर मैच जीता दिया 223 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी राजस्थान की टीम ने 3 गेंद शेष रहते मैच को जीत लिया लेकिन इस जीत का भाग जाता है  RAHUL TWETIA को जिन्होंने 31 गेंदों मे 53 रनों की पारी खेली जिसमे 7 छक्के शामिल थे जिसमे 5 छक्के एक ही ओवर मे cottrell को जड़े थे 


RAHUL TWETIA LLIFE STORY IN HINDI

वही  RAHUL TWETIA जिनके पिताजी गाँव मई धूध बेच के घर का खर्च निकालते हैं ,  RAHUL TWETIA के पिताजी krishan pal गाँव मे धूध बेचते हैं ,  RAHUL TWETIA हरियाणा के फरीदाबाद के सिहि गाँव के रहने वाले हैं , राहुल के पिताजी धूध बेचते हैं और राहुल के दादाजी के किसान है और अपने समय के अछे पहलवान रह चुके हैं बात करें राहुल के चाचा जी की तो वह एक हॉकी खिलाड़ी रह चुके हैं 


जबब मीडिया राहुल के घर गई तो उनके पिताजी krishan pal singh ने कहा राहुल ने बहुत अच्छा खेल दिखाया और उनकी दादी और माँ बहुत खुश थे और उन्होंने कहा कि हमारी यही दुआ है कि राहुल आने वाले मैचों मे भी याचा करें 


जब राहुल तवेटिया 8 साल के थे तो उनके पिताजी उन्हे vijay yadav cricket academy FARIDabad मे लेकर जहां पहली बार राहुल ने क्रिकेट खेलना शुरू किया। राहुल बहुत आलसी था और उनके पिताजी उन्हे अकादेमी लेके जाते और कहते “ सर इसको खिलाओ गाँव की इज्जत का सवाल है “ ।  RAHUL TWETIA पेशे से लेगसपिन गेंदबाज है और बाएं हाथ के बल्लेबाज भी है । राहुल के पिताजी ने कहा कि कभी राहुल आलसी हो जाता है और मैं उसे याद दिला देता हूँ की तुम्हें फिट भी रहना है 


शुरुआत मे राहुल तवेटिया ने लेग स्पिन गेंदबाजी शुरू की और बाद मे वह अपनी बल्लेबाजी पर भी ध्यान देने लगे हरयाना के लिए राहुल तवेटिया ने रणजी नहीं खेली है क्यूंकी उस टीम मे yuzi chahal और amit mishra जैसे अछे गेंदबाज है जो कि भारत के लिए खेल चुके हैं इसलिए वह कर्नाटक के लिए state खेलते हैं 


राहुल के पिताजी ने ये भी कहा कि हम बहुत simple लोग हैं और मेरे पिताजी एक किसान है जिनके नक्शे कदमों पर हम चलते आए हैं और राहुल भी हमे सिद्धांतों पर चल रहा है । राहुल जब घर आता है तो हम सब के साथ परिवार के साथ ज्यादा समय बीतता है । राहुल ने बहुत मेहनत की है और अपना सारा समाय क्रिकेट खेलने मे बिताया है जिसका नतीजा आज राहुल को मिल रहा है 


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