चाणक्य नीति के 21 विचार जिंदगी मे धोखा कभी नहीं खाओओगे-21 New thoughts of chanakya niti in hindi

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नमस्कार दोस्तों आपका स्वागत है हमारे ब्लॉग himachaljosh.in मे जहां आपको मिलती है hindi moral stories ,hindi inspirational stories ,motivational story in hindi, hindi biography जैसे और भी सीखने वाले हिन्दी लेख और मैं ले के आया हूँ आपके लिए chanakya niti in hindi जिसमे मैंने आपको बताया है चाणक्य नीति के 21 वह संदेश जो आपको जरूर जानने चाहिए और अगर आपको chanakya niti thoughts अच्छे लगे तो अपने दोस्तों के साथ इन्हे जरूर share करें, तो चलिए दोस्तों बिना आपका समय लिए पढ़ते हैं 21 chankya thoughts in hindi 


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चाणक्य नीति के अनुसार आपको इस कलयुग जीवन मे अगर सफल होना है तो आपको चाणक्य नीति की कुछ बातों का ध्यान देना होगा cahankya quotes 


1. दूसरों की गलतियों से सीखो अपने ही ऊपर प्रयोग करके सीखने को तुम्हारी आयु कम पड़ेगी 


2.कभी भी इतना ईमानदार मत बनो कि आपको लोग इस्तेमाल करने लगे क्योंकि जंगल मे सबसे पहले सीधे वृक्ष ही काटे जाते है 


3. यह बात बड़ी कड़वी लगेगी आपको लेकिन हर मित्रता के पीछे कोई न कोई स्वार्थ जरूर होता है और यही कड़वा सच है लेकिन आप इसके बारे मे क्या सोचते हैं हमे जरूर बताएं - acharya chanakya niti in hindi


4. आप भी अपनी जिंदगी मे कुछ न कुछ हासिल करना चाहते हैं इसलिए कोई ही काम शुरू करने से पहले तीन सवाल अपने आप से पूछो - मैं ऐसा क्यों करने जा रहा हूँ ?, इसका परिणाम क्या होगा ?,क्या मैं सफल रहूँगा 


5. डर से कभी भी मत दरों डर को अपने नजदीक ना आने दो अगर यह नज़दीक आए तो इस पर हमला कर दो यानि भी से भागों मत इसका सामना करो - chankya niti 


6. दुनिया की सबसे पड़ी ताकत पुरुष का विवेक और महिला की सुंदरता है 


7. सुगंध का प्रसार हवा के रुख का मोह ताज होता है परंतु अच्छाई सभी दिशाओं मे फैलती है 


8. भगवान चित्र मे नहीं चरित्र मे है इसलिए अपनी आत्मा को पवित्र बनाए आत्मा मे परमात्मा है 


9. खाने के लिए अच्छे पदार्थों का उपलब्ध होना ,उन्हे पचाने की शक्ति का होना ,सुंदर स्त्री के साथ संसर्ग के लिए काम शक्ति का होना, प्रचुरधन के साथ धन देने की इच्छा होना । ये सभी मनुष्य को बहुत कठिनता से प्राप्त होते हैं 




10. chanakya कहते है कि जिस आदमी का बेटा उसकी पत्नी उसके अनुसार चलते हैं और जो व्यक्ति अपने कमआए धन से पूरी तरह संतुष्ट है , ऐसे मनुष्य के लिए संसार ही स्वर के समान है - chanakya neeti 


11. चाणक्य ऐसा मानते हैं कि वही गृहस्थी सुखी है ,जिसकी संतान उसकी आज्ञा का पालन करती है , पिता का भी कर्तव्य है कि वह संतान का पालन पोषण अच्छी तरह से करे। इसी प्रकार ऐसे व्यक्ति को मित्र नहीं बनाया जा सकता जिस पर विश्वास न किया जा सके और ऐसी पत्नी व्यर्थ है जिसका किसी प्रकार का सुख प्राप्त न किया जा सके 


12. जो दोस्त आपके पीठ पीछे बुराई और आपके सामने आपकी अच्छाई करता है ऐसे दोस्त को त्याग देना ही बेहतर है , चाणक्य कहते हैं कि वह उस बर्तन के समान है जिसके ऊपर दूध लगा है और अंदर विष भरा होता  है 


13. जिस प्रकार औलाद से प्राप्त अपमान भी बहनों से प्राप्त अपमान और पत्नी के वियोग का अपमान असहनीय होता है उसे प्रकार कर्ज से दबा व्यक्ति भी हर समय दुखी रहता है, राजा की सेवा मे रहने वाला व्यक्ति भी दुखी रहता है निर्धनता का अभिशाप भी मनुष्य कभी नहीं भुला पाता इससे व्यक्ति की आत्मा अंदर ही अंदर जलती रहती है  - chanakya niti about marriage in hindi


14. चणक्य कहते हैं जिस प्रकार ब्राह्मणों का बाल उनकी विद्या है , एक राजा का बाल उसकी सेना है, वैश्यों का बल उनका धन है और शूद्रों का बाल दूसरों की सेवा करना है, ब्राह्मणों का कर्तव्यय विद्या ग्रहण करना एक राजा का बाल है कि वह अपनी सेना को बढ़ाते रहें वैश्यों का कर्तव्य है कि वह व्यापार द्वारा धन कमाए ,शूद्रों का कर्तव्य है कि वह सेवा करें , यही वर्ण संगत है 


15. चाणक्य का कहना है कि मूर्खता के समान योवन भी दुखदायी होता है क्योंकि जवानी के समय मे व्यक्ति कामवासना के आवेग मे कोई भी मूर्खतापूर्ण कार्य कर सकता है परंतु इससे भी दुखदायक है दूसरों पर आश्रित रहना - chanakya quotes in hindi 


16. चाणक्य कहते हैं कि बचपन मे जैसी संतान को शिक्षा दी जाती है उनका विकास उसी प्रकार से होता है इसलिए माता पिता का कर्तव्य है कि उन्हे सही मार्ग पर चलाएं जिससे उन्मे उत्तम चरित्र और अच्छे गुणों का विकास हो सके क्योंकि अच्छे गुणों वाला व्यक्ति कुल की शोभा बढ़ाता है 


17. वे माता पिता शत्रु के समान है जिन्होंने अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा नहीं दी क्योंकि अनपढ़ बालक का विद्वानों के समूह मे उसी प्रकार अपमान होता है जैसे कि हंसों के झुंड मे बगुले की स्थिति होती है, शिक्षा विहीन मनुष्य बिना पूँछ के जानवर जैसा होता है इसलिए माता पिता का कर्तव्य है कि वह अपने बच्चों को ऐसी शिक्षा दें जिससे वह समाज को सुशोभित करें 

 


18.आचार्य चाणक्य कहते हैं कि बच्चों को जरूरत से ज्यादा लाड़प्यार करने से बच्चों मे अनेक दोष उत्पन्न हो जाते हैं इसलिए अगर वह गलत काम करते हैं तो उन्हे लाड़ प्यार करके नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, बच्चे को डांटना भी आवश्यक होता है - chanakya niti in hindi for students


19. चाणक्य कहते है कि जो मनुष्य अच्छा मित्र नहीं है उसपर तो विश्वास करना ही नी चाहिए परंतु इसके साथ ही अच्छे मित्र के संबंध मे भी पूरा विश्वास नहीं करना चाहिए क्योंकि यदि वह नाराज हो गया तो वह आपके सारे भेद खोल सकता है अतः सावधानी बरतनी आवश्यक है । 


20 आचार्य चाणक्य का कहना है कि मनुष्य को कुसंगति से बचना चाहिए वे कहते हैं कि मानुष्य कि भलाई इसी मे है कि वह जितना जल्दी हो सके दुष्ट व्यक्ति का साथ छोड़ दें - chankya niti hindi 


21. चाणक्य कहते हैं कि मित्रता बराबरी वाले व्यक्ति से ही करना ठीक रहता है । बराबरी से यह तात्पर्य है है समान ,प्रतिशता , धन ज्ञान विचार वाले सवछन्द लोगों से मित्रता इसी तरह सुंदर व सुशील स्त्री घर मे ही शोभा देती है - chanakya thoughts 


तो दोस्तों यह है 21 विचार chanakya niti in hindi


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