आलस और चाणक्य - new motivational short story in hindi

 आलस और चाणक्य नीति - new motivational short story in hindi 

Short moral stories,short motivational story,short inspirational story,chanakya niti short story,short story for kids,short motivational story 




नमस्कार दोस्तों आपका हमारे ब्लॉग himachaljosh.in मे स्वागत है दोस्तों आज मैं आपको चाणक्य नीति से आलस कैसे दूर करें एक बहुत ही बेहतरीन कहानी के जरिए बताने जा रहा हूँ और अगर आपको चाणक्य के बारे मे जानना है कि वह कौन थे तो लेख के अंत मे लिंक पर क्लिक करके आप पढ़ सकेंगे तो चलिए बिना समय लिए आपका हम शुरू करते हैं इस short story in hindi को 


चाणक्य ने अपनी किताब चाणक्य नीति मे कहा है कि एक आलसी व्यक्ति का वर्तमान कभी भविष्य नही होता, दोस्तों क्या आप जानते है कि इस विश्व मे सिर्फ 20 प्रतिशत लोग ही कामयाब लोग हैं ,पूरे विश्व के 80 प्रतिशत से ज्यादा लोग अभी भी नाकामयाब लोग हैं अब आप सोच रहे होंगे कि जो लोग नाकामयाब है वह इतने होशियार नहीं है और  उनके पास पैसों की कमी होगी किन्तु ऐसा कुछ भी नहीं है 


परंतु आज भी कई लोग है जिन्होंने एक मामूली आदमी जमीन से उठकर कामयाबी को हासिल किया कुछ प्रसिद्ध व्यक्ति जैसे की  bill gates ,jeff ezos ,dhirubhai ambani ,elon musk और भी कई महारथी है जिन्हे गिनकर नाम कम पड़ जायेगे इं सभी बड़े लोगों का जन्म भी हमारी तरह मध्यम परिवार मे हुआ था,अब दोस्तों आपके मन मे सवाल उठ रहा होगा कि यह सब लोग 20 प्रतिशत मे क्यों आते है और हम नहीं ?


तो इसका जावाब है आलस ये सभी बड़े लोग अपने काम को जोश और मन लगा के करते हैं और हम अपना काम आलस से करते हैं इसलिए दोस्तों अगर हमे भी इन लोगों की श्रेणी मे आना है तो हमे आलस को दूर कर काम करना होगा जैसा कि चाणक्य कहते है अपनी किताब मे कि आलसी व्यक्ति का कोई भविष्य नहीं होता 


Chanakya Short moral Story In Hindi 

बहुत समय पहले की बात है एक गाँव मे एक ब्राह्मण रहता था उसके पास वह सब था जो एक अमीर व्यक्ति के पास होना चाहिए उसके पास एक अच्छा घर था परिवार था लेकिन वह ब्राह्मण बहुत ही आलसी था दिन भर घर मे सोया रहता था और कुछ काम भी नहीं करता था उसकी पत्नी बहुत कोशिश करती कि वह कोई काम करे परंतु उसकी हर कोशिश नाकाम होती थी 


एक दिन गाँव मे एक साधु आया वह ब्राह्मण उस साधु की रोज सेवा किया करता था ताकि उससे उसे कोई वरदान मिल सके,हुआ भी वैसा वह साधु उस ब्राह्मण की सेवा प्राप्त कर खुश हो गया और उसने उसे वरदान मांगने को कहा, ब्रह्मन ने वरदान मांगा कि मुझे कोई ऐसा आदमी दीजिए जो मेरा सारा काम कर दे,साधु ने उसे एक जिन्न दिया और कहा यह तुम्हारा सारा काम करेगा किन्तु याद रखना कि यह एक पल भी बैठना नहीं चाहिए इसे हर पल तुम्हें काम देना होगा 


ब्राह्मण ने उस जिन से बहुत काम कार्य किया लेकिन जब उसके पास काम खत्म हो गया तो जिन ने कहा कि अगर तुमने मुझे कोई काम न दिया तो मैं तुम्हें खा जाऊंगा ब्राह्मण डर गया और उसी समय ब्राह्मण की पत्नी आई और कहनी लगी कि क्या मैं आपके जिन को काम दे सकती हूँ ब्राह्मण नें कहा जरूर,पत्नी ने जिन से कहा कि तुम गाँव मे जाओ वहाँ एक कुत्ता है और जब तक उस कुत्ते की पूँछ सीधी नहीं होती तब तक तुम वापिस मत आना और वह जिन वहाँ से चला गया 


ब्राह्मण की पत्नी ने कहा कि अब आपको अपने काम के महत्व के बारे मे पता चला जब भी हम अपना काम दूसरों पर डालते हैं तो हम संकट मे आ सकते हैं इसलिए कभी भी आलस करके अपना काम मत करिए और अपना काम दूसरों पर नहीं डालना चाहिए और उसके बाद वह ब्राह्मण अगले दिन से अपने खेत मे रोज काम करने लगा और खुशी खुशी रहने लगा 




Moral Of Hindi Story

तो दोस्तों अब आपको समझ आ गया होगा कि आलस हम सबका कितना विनाश करता है और हमे इसकी बिल्कुल भयानक भी नहीं होती और हमारे आलस की वजह से ही हम कभी सफल नहीं हो सकते इसलिए दोस्तों आज ही अपने काम पर बिना किसी आलस से लग जाईए और एक कामयाब व्यक्ति बन के दिखाइए 


दोस्तों हमे कमेंट करके बताएं की आपको यह लेख कैसा लगा तथा इसे अपन्ने दोस्तों के साथ शेयर जरूर कीजिए क्या पता आपके एक शेयर से किसी कि जिनन्दगी बदल जाए और आप किसी के प्रेरक बन जाओ 


दोस्तों अगर आपके पास समय है तो चाणक्य कौन थे और उनके जीवनी के बारे मे जरूर जानने 


Web Title :hindi short stories for students,short hindi story,small story in hindi,10 lines short stories with moral,short motivational story,hindi small stories,hindi stories with moral,short hindi moral stories,chanakya niti inspirational stories,short motivational story in hindi with moral


Previous
Next Post »