Top 20 Akbar birbal stories in hindi- नई अकबर और बीरबल की मजेदार कहानिया

 20 Akbar birbal stories in hindi अकबर और बीरबल की मजेदार कहानियाँ

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 नमस्कार दोस्तों आपका स्वागत है हमारे ब्लॉक himachaljosh.in  में आज मैं आपके लिए लेकर आया हूं कुछ अकबर बीरबल किस्से अकबर बीरबल की कहानी जो कि आपको बहुत पसंद आएंगी इस लेख में आपको बीरबल के छोटे किस्से पढ़ने को मिलेंगे और राजा अकबर की कहानी अगर आपको अकबर बीरबल के मजेदार किस्से वह अकबर बीरबल बादशाह की कहानी पसंद आए तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर कीजिए तो आपका बिना समय लिए शुरू करते हैं अकबर बीरबल की मजेदार कहानियां को 

अकबर बीरबल की कहानियाँ with moral Akbar birbal stories in hindi 

1. अंगूठी की चोरी - बीरबल और बादशाह की कहानी akbar birbal story in hindi with moral

 एक बार मोहम्मद जलालुद्दीन अकबर की अंगूठी खो गई जब महाराजा अकबर ने यह बात अपनी रानी को बताई तो रानी बहुत नाराज हुई रानी को नाराज देख कर मोहम्मद जलालुद्दीन अकबर उन्हें नाराज नहीं देख पाए उन्होंने गुठी ढूंढने का जिम्मा बीरबल को दिया और कहा कि आज तुम सूर्यास्त से पहले अंगूठी ढूंढकर मेरे सामने लाओगे वरना तुम्हें मंत्री पद से निकाल दिया जाएगा कुछ देर सोचने के बाद बीरबल ने कहा कि जहांपना मुझे लगता है कि आप की अंगूठी यहीं कहीं होगी और चोर अभी भी इस दरबार में उपस्थित हैं और कहा जिस की दाढ़ी में तिनका होगा वही चोर होगा यह सुनकर सभी दरबारी एक दूसरे की दाड़ी को देखकर घूरने लगे । 


उनमें से एक दरबारी अपनी दाढ़ी को छटक छटक कर साफ करने में लगा था बीरबल की निगाहें उस दरबारी की हरकतों पर जम गई और उसने तुरंत सैनिकों को कहा कि इसे तुरंत बंदी बना लो इसने ही शहंशाह की अंगूठी चुराई है सैनिकों ने तुरंत उसकी तलाशी ली और उनको शहंशाह की अंगूठी  बरामद हुई अपनी अंगूठी पाकर बहुत खुश हुए उन्होंने बीरबल से पूछा कि कैसे तुम ने पता लगाया कि अंगूठी हमारे ही किसी दरबार के व्यक्ति के पास है इस पर बीरबल कहते हैं जहांपना जो आदमी चोरी करता है उसे हमेशा पकड़े रहने का डर होता है और इस व्यक्ति को भी डर लगा क्योंकि इसने अंगूठी चुराई थी और इसे कहते हैं चोर की दाढ़ी में तिनका 


2. किसका पानी सबसे अच्छा - अकबर बीरबल हिंदी स्टोरी akbar birbal story in hindi with images

एक बार भरे दरबार में अकबर ने अपने दरबारियों से पूछा बताओ किस नदी का पानी सबसे अच्छा है सभी दरबारियों ने एकमत से उत्तर दिया गंगा का पानी सबसे अच्छा होता है लेकिन बादशाह के प्रश्न का उत्तर बीरबल ने नहीं दिया उसे मौन देखकर बादशाह बोले बीरबल तुम चुप क्यों हो बीरबल बोले बादशाह हजूर सबसे अच्छा पानी यमुना नदी का होता है बीरबल का यह उत्तर सुनकर बादशाह को बड़ी हैरानी हुई और बोले तुमने ऐसा किस आधार पर कहा है जबकि तुम्हारे  ग्रंथों में गंगा नदी के पानी को सबसे शुद्ध व पवित्र माना जाता है और तुम कह रहे हो कि यमुना नदी का पानी सबसे अच्छा होता है बीरबल ने कहा हुजूर मैं भला पानी की तुलना अमृत के साथ कैसे कर सकता हूं गंगा में बहने वाला पानी केवल पानी नहीं बल्कि अमृत है इसलिए मैंने कहा था कि पानी यमुना का सबसे अच्छा है बादशाह और सभी दरबारी निरुत्तर हो गए और उन्हें मानना पड़ा कि बीरबल सही कह रहे हैं 


3. जैसे को तैसा - अकबर बादशाह बीरबल की कहानी akbar birbal story in hindi writing

सर्दियां खत्म हो रही थी और सूर्य की किरणों की गर्मी बढ़ने लगी थी माहौल बड़ा सुखद प्रतीत हो रहा था ऐसे में बीरबल और अकबर अपने घोड़ों पर सवार होकर कुदरत के नजारे देखने को निकल पड़े । चारो और की सुंदरता को देखकर बादशाह के मुंह में यह निकल पड़ा भाई “सुमा सुमा” इन शब्दों का पहला अर्थ फारसी में था कि यह घोड़ा तुम्हारे बाप का है और दूसरा अर्थ था यह घोड़ा तुम्हारा बाप है बीरबल तुरंत समझ गए कि बादशाह क्या कहना चाहते हैं वह बोले दादा हुजूर इसका अर्थ था कि यह हुजूर का दिया है बीरबल का जवाब सुनकर बादशाह के पास कहने को कुछ भी नहीं बचा था जैसे को तैसा जवाब बीरबल ने दिया


4. मजाक - अकबर बीरबल स्टोरी इन हिन्दी akbar birbal story in hindi with pictures

 एक बार एक चित्रकार ने बादशाह अकबर का एक बहुत सुंदर चित्र बनाया और उसने  किसी राजा को वह चित्र भेंट किया  उसने जिस राजा को अकबर का चित्र भेंट किया वो अकबर का विरोधी था चित्र बहुत अच्छा था और राजा उसको पढ़ना नहीं चाहता था । उसने आदेश दिया कि इस चित्र को लैट्रिंग में लगा दो यह बात जब अकबर को पता चली तो वह बहुत नाराज हुए कि हमारा चित्र लैट्रिन में लगा दिया, और वहां बीरबल बैठे थे उन्होंने कहा कि आपका चित्र महाराज बहुत अच्छी जगह लगाया है क्योंकि आपको देखते ही उनको डर लगता है उनका पेट जल्दी साफ हो जाता है उसको कब्ज की बीमारी होगी और आपको देखकर डर से उसका पेट जल्दी साफ हो जाता होगा बीरबल ने बड़ी ही चालाकी से गुस्से वाले माहौल को मजाक में बदल दिया


5. 3-3 गधों का बोझ - अकबर बीरबल हिन्दी सटोरी  akbar birbal ki kahani 

 अकबर बीरबल बादशाह और उसके दो पुत्रों को नदी में नहाने का शौक था बीरबल भी कभी-कभी उनके साथ नदी जाता था पर कभी नदी में नहाता नहीं था बादशाह और उसके दो पुत्र एक दिन बीरबल के साथ नदी में नहाने गए और नदी में नहाने लगे।  बीरबल नदी के किनारे जाकर बैठ गया और बादशाह और उनके पुत्रों के वस्त्रों के नदी किनारे रखवाली करने लगा बीरबल ने उनके वस्त्र अपने कंधे पर टांग लिए।  बादशाह को बीरबल को हमेशा से छेड़ते रहने की आदत थी।  नदी में खड़े खड़े बादशाह सलामत ने बीरबल को छेड़ा और कहा कि ऐसा लगता है कि तुम्हारे कंधों पर एक गधे का बोझ लड़ा है , बीरबल भला कब तक चुप रहने वाले थे तुरंत बोले हुजूर एक नहीं दो नहीं तीन गधों का बादशाह यह सुनकर फौरन चुप्पी साध गए क्योंकि तीनों के वस्त्र बीरबल ने अपने कंधों पर लटका रखे थे


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6. सारा जग बेईमान - राजा और बीरबल कि कहानी akbar birbal ki kahani in hindi

 एक बार बादशाह अकबर ने बीरबल से शान से कहा बीरबल हमारी जनता बेहद ईमानदार है और हमें कितना ज्यादा प्यार करती हैं बीरबल ने तुरंत उत्तर दिया बादशाह सलामत आपके राज्य में कोई भी पूरी तरह ईमानदार नहीं है ना ही वह आपसे प्यार करते हैं , इस पर महाराज अकबर ने कहा यह तुम क्या कह रहे हो बीरबल?  बीरबल ने कहा मैं अपनी बात को साबित कर सकता हूं बादशाह !  अकबर ने कहा ठीक है तुम हमें साबित करके दिखाओ, बीरबल ने नगर में ढिंढोरा पिटवा दिया बादशाह सलामत एक भोज करने जा रहे हैं उसके लिए सारी प्रजा से अनुरोध है कि कल सुबह दिन निकलने से पहले हर आदमी एक एक लोटा दूध डाल दे । 


  कढ़ाई रखवा दिए हर आदमी ने यही सोचा कि जहां इतना दूध इकट्ठा होगा वहां उसके एक लोटा पानी का क्या पता चलेगा अगर वह दूध में मिला दे तो, कढ़ाई में हर आदमी पानी डाल गया सुबह जब अकबर ने उन कढ़ाई को देखा जिनमें जनता से दूर डालने को कहा गया था तो दंग रह गए उन कढाइयों में तो केवल सफेद पानी था ।  अकबर को वस्तुस्थिति का पता चल गया और बीरबल ने अपनी बात एक बार फिर सच करती इसलिए कहते हैं हर मुश्किल का हल अकबर बीरबल 


7. बादशाह और आम - akbar birbal ki kahani hindi mai

 बादशाह अकबर को आम बहुत पसंद थे एक दिन बगीचे से बादशाह अकबर को सर्वश्रेष्ठ आम पेश किए गए अकबर अपनी बेगम के साथ बगीचे में बैठकर बातें कर रहा था और आम के स्वाद का मजा ले रहा था बेगम बिना आम खाए फिर बादशाह की तरफ देख रही थी ।  आम खाने के बाद अकबर  गुठलियों को बेगम की और फेंक रहा था । बीरबल वहां पर आ गया , अकबर ने बीरबल से कहा कि देखो महारानी कितने लालची है कितने आम खा चुकी है और गुठलियों साथ में रखी हुई है इस पर बीरबल कहता है,  ऐसी बात नहीं है लालची आप भी बहुत हो बेगम साहिबा ने कम से कम आम खाकर गुठली तो फेंक दी  लेकिन आप तो आम के साथ उसकी  गुठली भी खा गए तो ज्यादा लालची कौन हुआ ?  बीरबल की बातें सुनकर सभी हंसने लगे


8. मातृभाषा - akbar birbal ki kahani

 एक दिन अनेक भाषा जानने वाला एक आदमी हम बादशाह के दरबार में आया बादशाह ने उसका स्वागत किया और बादशाह अकबर ने कहा कि आपसे मिलकर बहुत अच्छा लगा आप हमारे मेहमान बनिए और हम हमें अपनी सेवा का अवसर दें और हमारा मान बढ़ाएं ।  उस व्यक्ति ने जहांपना का कहना मंजूर किया ,  अकबर ने उस व्यक्ति से पूछा कि आप की मातृभाषा कौन सी है उस व्यक्ति ने उत्तर दिया कि जहांपना संसार की सारी भाषाएं मुझे मेरी मात्र भाषाएं जैसी लगती है।  लेकिन अब तो  बादशाह प उस व्यक्ति की मातृभाषा जानने को उत्सुक हो गए  और इस बारे में उन्होंने बीरबल से सलाह मांगी बीरबल ने कहा जहांपनाह अगर आपको उनकी मातृभाषा जानी है तो आपको आज रात मेरे साथ चलना होगा ।  आधी रात को बादशाह और बीरबल निकले वह व्यक्ति गहरी नींद में था बीरबल ने अचानक उसे मारना शुरू किया डर के मारे वह पंडित बौखला गया,  वह व्यक्ति मराठी में चिल्लाया बचाओ बचाओ ,  बीरबल ने कहा कि मनुष्य कितनी भी भाषाएं सीखने लेकिन संकट और आश्चर्य की स्थिति में वह अपनी मातृभाषा ही बोलता है


8. छोटी रेखा - akbar birbal ki kahani hindi 

 एक दिन अकबर बादशाह ने दरबार में एक विचित्र प्रश्न प्रस्तुत किया,  उसने एक रेखा खींची और कहा कोई इस रेखा को हाथ लगाए बिना उसे छोटा करके दिखा सकता है ? दरबार में सब चिंतित हो गए और सोचने लगे कि इस रेखा को हाथ लगाए बिना कैसे उसको छोटा कर सकते हैं ?  सब सोचने लगे कि आज बादशाह ने कैसा प्रश्न पूछ लिया और इन्हें क्या हो गया है ?  लेकिन उसी वक्त बीरबल वहाँ आ गए है और कहने लगे कि मैं यह कर सकता हूं अकबर ने कहा ठीक है बीरबल इस रेखा को आप छोटा करके दिखाओ ,  बादशाह की खींची हुई रेखा से एक और लंबी रेखा बीरबल ने खींची और फिर देखा जहांपना आपकी रेखा अब छोटी हो गई इस तरह बीरबल ने बड़ी ही बुद्धिमानी से बादशाह की रेखा को बिना हाथ लगाए छोटी कर दिया


9.  बुद्धिमता की परीक्षा - akbar birbal ki kahani hindi me

 फारस के राज्य में बीरबल के बुद्धिमता की बहुत चर्चा थी इसलिए फारस के राजा ने निश्चय किया कि वह बीरबल से मिलना चाहता है उसने महाराज अकबर को पत्र लिखा और कहा कि वह बीरबल को अपने मेहमान के रूप में बुलाना चाहते हैं और शहंशाह भी बीरबल को भेजने के लिए राजी हो गए ।  जब बीरबल फारस में पहुंचे तो फारस के राजा ने उनका स्वागत किया वहां के मंत्रियों ने कहा कि हमारे राजा आपसे मिलने के लिए उत्सुक है । 


 बीरबल जब दरबार में गए तो वहां उन्होंने देखा कि एक ही तरह के कपड़े  पहनकर कई लोग राजा की  तरह दिख रहे थे बीरबल ने राजा को आज से पहले कभी नहीं देखा था इसलिए सोच में पड़ गए कि असली राजा आखिर है कौन कुछ देर सोचने के बाद उन्होंने सबकी और एकाग्रता से देखा और असली राजा को पहचान लिया और इसके बाद उन्होंने राजा को प्रणाम किया,  राजा यह सब देखकर आश्चर्यचकित रह गया उन्होंने बीरबल से पूछा कि तुमने मुझे कैसे पहचाना ?  बीरबल ने कहा कि इन सभी लोगों में से आप ही मेरी तरफ देख रहे थे और बाकी सब आपकी तरफ से मुझे अंदाजा हो गया कि आप ही राजा हैं ।  पारस के राजा ने उनकी बुद्धिमता की परीक्षा ले रही और बीरबल सफल रहे और उनकी खूब आदर की


10. घमंडी अकबर - akbar birbal ki kahani in hindi pdf

  एक बार अकबर और बीरबल हमेशा की तरह टहलने जा रहे थे रास्ते में एक तुलसी का पौधा दिखा मंत्री बीरबल ने झुककर प्रणाम किया अकबर ने पूछा कि कौन है यह ? बीरबल ने कहा यह मेरी माता है !अकबर ने तुलसी की जड़ को उखाड़कर फेंक दी और पूछा कितनी माता है तुम्हारी ? बीरबल को उसको जवाब देने का एक तरकीब सूझी  रास्ते में एक खुजली वाला पेड़ दिखा बीरबल ने उसे भी कहा प्रणाम पिता जी ,  अकबर को गुस्सा आया और वह उस झाड़ को उखाड़ने लगा लेकिन अकबर को भ्यंकर खुजली होने लगी और अकबर बोला कि बीरबल यह क्या हो गया ?  बीरबल ने कहा आपने मेरी मां को मारा इसलिए ऐसा हुआ , अब अकबर कहने लगा कि बीरबल जल्दी से कोई उपाय बताओ मुझे खुजली हो रही है , बीरबल कहने लगा उपाय तो हैं  वहां एक गाय थी बीरबल ने कहा कि उस गाय से विनती करनी पड़ेगी  और कहो कि ही माता दवाई दोगाय ने गोबर कर दिया और अकबर के शरीर पर उसका लेप लगाने से महाराज अकबर की सारी खुजली चली गई और अकबर को राहत मिली  । 


अब अकबर ने पुचः कि ऐसी हालत मे हम घर कैसे जाएंगे ? बीरबल ने कहा यहां गंगा माता है उसे प्रणाम करके स्नान करो और स्नान करके हम घर जाएंगे जिस तरह से गंगा में स्नान करके अकबर चले जाते हैं और  बीरबल महाराजा अकबर का घमंड भी तोड़ देते हैं


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11.  संगत का असर - akbar birbal ki kahani download


 एक बार शाम को अकबर और बीरबल बगीचे में प्रसन्नता पूर्वक टहल रहे थे ,  बीरबल ने बादशाह अकबर से टिप्पणी करते हुए कुछ ऐसा कह दिया जो बादशाह को पसंद नहीं आया परंतु बीरबल ने इस पर ध्यान नहीं दिया और वह बादशाह के साथ अप्रत्यक्ष रूप से मजाक करता रहा, कुछ समय बाद जब बादशाह अपने क्रोध पर नियंत्रण नहीं रख पाए तो वह चिल्लाते हुए बोले बीरबल अपने बादशाह की शान में इस प्रकार कहने की तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई ?  यह सच है कि मैं तुम्हारी बुद्धिमता से प्रभावित होता हूं परंतु मैं यह देख रहा हूं कि तुम अपनी सीमाओं को पार करते जा रहे हो मैं यह भी देखना हूं कि तुम्हारा व्यवहार असभ्य होता जा रहा है तुम्हारी भाषा सीमा को पार कर रही है बादशाह को क्रोधित हुआ देखकर हमेशा की तरह अपनी बुद्धि का प्रयोग करते हुए बीरबल बादशाह अकबर के सामने झुका और बोला महाराज यह मेरी गलती नहीं है यह सब मेरी संगति का असर है ,आपके साथी आपके व्यवहार को प्रभावित करते हैं यह सुनकर बादशाह ठहाका मारकर हसे वे जानते थे कि बीरबल अपना सारा समय बादशाह के साथ बिताते थे इस प्रकार बीरबल ने एक बार फिर अपनी बुद्धिमता से बादशाह को प्रभावित कर दिया


12  चतुर बीरबल - akbar birbal ki kahani new

 एक बार महाराजा अकबर की प्रजा ने बीरबल से शिकायत की कि एक बर्तन का व्यापारी बहुत ही घमंडी और लालची है आप उसे सबक सिखाएं , यह सुनकर बीरबल दुकानदार के पास गए और वहां से तीन बड़े-बड़े पतीले खरीद कर लाए ,  कुछ दिन बाद वह एक छोटी सी पतीली लेकर लालची दुकानदार के पास पहुंचे और बोले यह आपके बड़े पतीले ने बच्चा दिया है कृपया इसे रख लीजिए दुकानदार बहुत खुश हुआ और खुशी-खुशी छोटे पतीले को ले लिया कुछ दिनों के बाद  बीरबल दुकानदार के पास गए और कहा कि मुझे यह पतीला बिल्कुल पसंद नहीं आया आप मुझे मेरे पैसे वापस दे दो । 


 लेकिन दुकानदार बोला यह तो सिर्फ एक ही है जबकि मैंने तुम्हें तीन पतीले दिए बीरबल ने कहा असल में 2 पटीलो की मृत्यु हो गई दुकानदार बोला जाओ जाओ क्यों बेवकूफ बनाते हो पतीलों  की भी कभी मृत्यु हुई है ?  बीरबल ने जवाब दिया जब फलों के बच्चे पैदा हो सकते हैं तो  पति की मृत्यु क्यों नहीं हो सकती अंत में दुकानदार को बीरबल के पैसे वापस करने पड़े और उसे सबक सिखा दिया ,  बीरबल एक बार फिर साबित कर दिया कि उन्हें क्यों सबसे बुद्धिमान कहा जाता है


13.  मुर्ख और ज्ञानी - अकबर और बीरबल की मजेदार कहानिया akbar birbal stories in hindi language

एक दिन एक मामले को सुलझाने के बाद राजा अकबर ने राजा बीरबल से कहा बीरबल क्या तुम जानते हो कि एक मुर्ख और ज्ञानी व्यक्ति में क्या अंतर होता है? बीरबल ने कहा  जी महाराज मैं जानता हूं अकबर ने कहा कि क्या तुम विस्तार से बता सकते हो बीरबल ने कहा महाराज वह व्यक्ति जो अपनी बुद्धि का प्रयोग मुश्किल चुनौती पूर्ण तथा प्रतिकूल परिस्थितियों में अपना नियंत्रण खोए बिना करता है वह ज्ञानी होता है परंतु जो व्यक्ति प्रतिकूल परिस्थितियों को इस प्रकार समझता है जैसे के पहाड़ टूट पड़ा हो वह और भी प्रतिकूल हो जाती हैं वह मूर्ख कहलाता है बादशाह अकबर ने सोचा कि शायद यह कहना चाहते थे कि एक पढ़ा-लिखा व्यक्ति ज्ञानी होता है बीरबल का जवाब सुनकर बादशाह अकबर के हृदय में बीरबल का स्थान और पक्का होगा


14  बीरबल का किस्सा - राजा बीरबल की कहानी akbar birbal stories in hindi with pictures

 एक दिन जब बीरबल बादशाह अकबर के दरबार में प्रवेश किया तो उसने देखा कि सभी  दरबारी हंस रहे थे उसने पूछा आज सभी इतने प्रसन्न क्यों हैं ?  अकबर ने कहा कोई खास बात नहीं है बीरबल हम लोगों की त्वचा के रंगों के विषय में चर्चा कर रहे थे सब इतने गोरे हैं फिर तुम हमसे काले कैसे हो ? बीरबल ने कहा शायद आप मेरी त्वचा के राज के बारे में नहीं जानते ,  बहुत समय पहले भगवान ने इस संसार को पेड़-पौधों पशु-पक्षियों इत्यादि से भरपूर बनाया था पर वह इस रचना से संतुष्ट नहीं थे , इसलिए उन्होंने मनुष्य की रचना की  इसलिए उन्होंने सभी को तोहफे मे  रूप बुद्धि तथा धन देने का निर्णय लिया ।


 उन्होंने घोषणा की कि प्रत्येक व्यक्ति को 5 मिनट का समय दिया जाएगा ताकि सभी अपनी इच्छा अनुसार कोई भी तोहफा चुन सकें मैंने सारा समय बुद्धि एकत्र करने में लगा दिया जिससे दूसरे वस्तु चुनने का समय ही नहीं मिला आप सभी रूप और धन इकट्ठा करने में लगे रहे और बाकी तो सब आप जानते ही हैं चतुर बीरबल के इस जवाब को सुनकर सभी दरबारी सन्न रह गए किसी के पास भी इसका उत्तर ना था बादशाह अकबर बीरबल की हाजिर जवाबी पर खिलखिला कर हंस पड़े 




15 बड़ा कौन- akbar birbal stories in hindi freeअकबर बीरबल की रोचक कहानी

हमेशा की तरह बादशाह अकबर का दरबार लगा हुआ था दरबारी गण शांत भाव से बैठे रहे हमेशा की तरह अचानक अकबर के मन में प्रश्न पूछने की इच्छा हुई , उन्होंने अपने एक दरबारी से प्रतिक्रिया बताओ कौन बड़ा है भगवान इंद्र या मैं ? प्रभारी ने कहा भगवान इंद्र महाराज अकबर ने कहा ऐसा कहने की हमारी हिम्मत कैसे हुई अकबर के दरबारी से पूछा दूसरे दरबारी ने भी यही कहा आप बड़े हैं बल्कि आप तो सबसे बड़े हैं महाराज !  अकबर तो जिस समय सवाल-जवाब का दौर चल रहा था उस समय तक बीरबल दरबार में उपस्थित नहीं हो पाए थे इसलिए दरबारी बादशाह की घबरा रहे थे  तभी चतुर बीरबल ने दरबार में प्रवेश किया उसने सारी घटना सुनी और कहा


 यह सिद्ध करना तो बहुत आसान  बल्कि भगवान ब्रह्मा ने भी इस सुविधा का समाधान किया था  तब उन्होंने दो मूर्तियां बनाने का आदेश दिया,  जिनमें से एक आप की भी और दूसरी भगवान इंद्र की यह देखने के लिए कि कौन सी मूर्ति बड़ी तथा विशाल है । मूर्तियों को स्वर्ग के पैमाने पर रखा गया इसके विपरीत आप की पूर्ति अधिक भारी थी इसलिए वह धरती की ओर झुक गई और इसके विपरीत भगवान इंद्र की मूर्ति की थी इसलिए वह आकाश की ओर उठ गई पता भगवान इंद्र सर के राजा हैं और आप धरती के ।  बादशाह अकबर बीरबल बादशाह  के शब्दों को सुनकर बहुत ही प्रभावित हुए और खिलखिला कर हंस पड़े 


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16 बीरबल का इनाम - बीरबल बादशाह की कहानी short akbar birbal stories in hindi 


और बादशाह अकबर ने बीरबल को खुश होकर इनाम देने की घोषणा की लेकिन बहुत समय बीत गया बीरबल को उसका इनाम नहीं मिला, राजा बीरबल बड़े ही दुविधा में थे कि महाराज को याद दिलाएं तो कैसे दिलाएं, 1 दिन बीरबल अकबर यमुना तट के किनारे सैर पर निकले, बीरबल उनके साथ था बादशाह अकबर ने वहां ऊंट को देखा । अकबर ने बीरबल से पूछा बताओ भला ऊंट की गर्दन मुड़ी क्यों होती है बीरबल ने सोचा महाराज कौन का वादा याद दिलाने का यह सही समय है। 


 बीरबल ने जवाब दिया महाराज यह बूट किसी से वादा करके भूल गया है इसके कारण उसकी गर्दन ऊंची हो गई .है, महाराज कहते हैं कि जो अपना वादा भूल देता है भगवान उनकी गर्दन की तरह मोड़ देते हैं यह एक तरह की सजा है ।  तभी बादशाह अकबर को याद आता है कि उन्होंने भी राजा बीरबल से वादा किया था और वह भूल गए अकबर महाराज ने उसी समय बीरबल को महल में चलने के लिए कहा पहुंचते ही सबसे पहले बीरबल को उनके ही नाम की राशि सौंपी गई और बादशाह अकबर कहने लगे कि मेरी गर्दन तो उठ की तरह नहीं मुड़ेगी ना बीरबल और यह  कहते ही हंस पड़े


17. अकबर बीरबल की हिन्दी कहानियाँ-सभी ईश्वर की संतान है 


18. बीरबल की खिचड़ी -birbal and akbar story in hindi


19. सलीम बना बादशाह - birbal stories in hindi


20. रिश्वतखोर - अकबर बीरबल बुद्धिमता की कहानियाँ


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