अकबर और बीरबल की नई हिन्दी कहानी-akbar birbal new story in hindi

अकबर और बीरबल की नई हिन्दी कहानी-akbar birbal new story in hindi 


नमस्कार दोस्तों आपका हमारे blog himachaljosh.in मे जहां माई आज आपके लिए ले के आया हूँ new hindi kahani जो है अकबर बीरबल की कहानी नई और ऐसे ही akbar birbal stories in hindi  मे पाने के लिए हमारे साथ बने रहें और भी कई  कहानियाँ हैं उन्हे भी आप जरूर पढ़ें


अकबर और बीरबल की कहानी 

सभी ईश्वर की संतान है 

एक बार वसंत ऋतु मे अपने काम काज करके हमेशा की तरह अकबर बीरबल के साथ हमेशा कि तरह बगीचे मे टहलने निकले बागीचा बहुत ही सुंदर था जगह जगह फूल थे हर बगीचे के बीचों बीच एक फुहारा था और उसमे से बहुत ही सुंदर जल निकलता रहता था 


माहाराज अकबर और बीरबल बगीचे मे टहल कर बैठ गए,बीरबल बगीचे की चकाछूँ को देख के मगन हो गए थे और अकबर से कहते हैं कि भगवान की रचना भी कितनी महान है उसने हमे इतना सुंदर वातावरण दिया है इसपर माहाराज अकबर कहते हैं कि तुमने ठीक कहा बीरबल  हमारे खुदा महान हैं लेकिन तुम्हारे भगवान कुछ ज्यादा ही निराले हैं.. 


सभी धर्मों को सम्मान देने वाले अकबर की ऐसी बात सुनने पर बीरबल को ताज्जुक हुआ इसपर बीरबल कहते हैं कि आपका मतलब मई समझा नहीं तो अकबर कहते हैं कि जब भी तुम्हारे भगवान के भक्त को कष्ट होता है तो वह खुद आते हैं अब तुम श्री कृष्ण जी को ही देख लो जब भी उनके भक्तों को कष्ट होता है तब वे खुद आते हैं और अपने सेवक को नहीं भेजते .. 


यह सुनकर बीरबल का दिमाग एक योजना बनाने लगा इसपर बीरबल कहते हैं कि जहाँपना मुझे कुछ समय का व्क्त दीजिए मैं आपको इसका कारण जरूर बताऊँगा,बाधाह से इजाजत लेकर बीरबल वहाँ से चले गए अगले दिन अपनी योजना के अनुसार बीरबल एक मोम के शिल्पकार के पास गए और उन्होंने शिल्पकार को कहा कि अकबर के पोते शहजादे खहुररम का एक मोम का पुतला बनाओ.. .. 


बीरबल वाहन से निकल गए और महल जा के उन्होंने एक शाही भरोसेमंद सेवक से मुलाकात की और कहा कि कल तुम बगीचे मे शहजादे खहररम का मोम का पुतला लेकर आना और जब मैं इशारा करू तो तुम उस पुतले को पानी मे गिरा देना और ऐसे चिल्लाना कि सचमुच तुमने शहजादे खुर्रम को गिरा दिया .. 


वह मान  गया क्यूंकी वह जानता था कि बीरबल कुछ गलत नहीं कर सकते । हमेशा कि तरह बीरबल और अकबर बागीचे मे टहलने जाते है और वहाँ दूसरी तरफ शिल्पकार शहजादे का पुतला लेकर आ गया और शाही सेवक को दे दिया और बीरबल की योजना अनुसार शाही सेवक ने मोम का पुतला गिरा दिया और बादशाह चिल्लाते हुए पानी मे कूद गए.. 


बादशाह अकबर ने बिना एक पल गवाएं पानी के बीच पुतले को ढूंढने लगे और जब उन्हे पता चला कि वह शहजादे नहीं मोम का पुतला है तो उन्हे आश्चर्य हुआ और बीरबल ने उन्हे पानी से बाहर निकाला और पुचः आपने तालाब मे छलांग क्यों  लगाई आप बीमार भी पड़ सकते है आप सेवक को भेज देते ?


तो बादशाह अकबर कहते हैं कि तुमने देखा नही कि मेरा अपना पोता जो मुझे नहीं पता कि मोम का पुतला था तो मैं कैसे सेवक को भेजता तो बीरबल कहते हैं कि वैसे ही भगवान होते हैं वह अपने बछे को संकट मे दकहकर आपण सेवक को कैसे भेज सकते हैं तो अकबर कहते हैं कि तुमने ठीक कहा बीरबल और एक बार फिर तुमने अपनी बात साबित कर दी 


तो बच्चों हर मुश्किल का हल अकबर बीरबल और दोस्तों hindi कि कहानी , जगल की कहानी और भी motivational कहानियाँ पाने के लिए यहाँ क्लिक करें


अकबर की बेहतरीन कहानिया


web title :vikram betaal ,panchtantr stories birbal ,akbar birbal ,अकबर बीरबल ,akbar birbal stories in hindi ,akbar ad birbal ,akbar birbal kahai ,akbar aur birbal ki kahani,birbal stories ,agbar and irbal ,akbar ki kahaniya ,har mushkil ka hal ,kahani story ,story hindi story ,best story n hindi ,hindi katha,hindi story in hindi ,interseting story in hindi,mystery stories in hindi ,hindi bal kahani

  


Previous
Next Post »